जानिए वो कानूनी अधिकार जो सिर्फ महिलाओ को प्राप्त है और न्यायालय तुरंत कार्यवाही करता है । पूरी जानकारी पढ़े ।

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भारतीय संविधान लिंग के आधार पर अंतर नहीं करता है और सबको सामान रूप से अधिकार प्रदान करता है।  पर कुछ अधिकार कानून के ज़रिये सिर्फ महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रख कर बनाये गए हैं जो महिलाओ को ही मिले हुए हैं, जिसकी माँग पर न्यायलय त्वरित कार्यवाही करता है । 

१.  अपने पति के साथ में रहने का अधिकार –  हर महिला को अधिकार कर है की वह अपने पति के घर में रह सकती है, और उसको निकलने का अधिकार उसके पति का भी नहीं है, यदि पति या उसके घरवाले भी निकालना चाहे तो नहीं निकाल सकते हैं। 

२. भरण – पोषण प्राप्त करने का अधिकार – हर विवाहित महिला को अपने पति से भरण पोषण का पूर्ण अधिकार प्राप्त है। 

३. थाने या पुलिस चौकी न जाने का अधिकार – महिला द्वारा शिकायत होने पर पुलिस महिला को थाने नहीं बुला सकती है और उसका बयान लिखने के लिए वह स्वयं उस महिला के पास जायेगी और घटना के मौके पर जाकर कार्यवाही को पूर्ण करेगी । 

४. सिर्फ महिला अफसर द्वारा गिरफ्तार  होने का अधिकार – किसी अपराध के सिलसिले में यदि किसी महिला को गिरफ्तार करना है, तो सिर्फ महिला पुलिस ही कर सकती है और पूछ-थाच भी महिला जांच अधिकारी के द्वारा ही करने का प्रावधान है । 

५. रात्रि में गिरफ़्तारी न होने का अधिकार – किसी भी महिला को रात में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है, यदि ऐसा जरुरी हो तो उस हालत में पुलिस के उच्च अधिकारियों द्वारा अनुमति अनिवार्य है और सिर्फ महिला अधिकारी द्वारा ही गिरफ़्तारी होगी । 


नोट- यह जानकारी जनहित में दी जा रही है, आप अधिक सहायता के लिए अधिवक्ता से मिले और उचित विधिक सलाह लें । 

जानिए वो कानूनी अधिकार जो सिर्फ महिलाओ को प्राप्त है और न्यायालय तुरंत कार्यवाही करता है । पूरी जानकारी पढ़े ।

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